
सतना/नागौद। नित नए कारनामों से सिविल हॉस्पिटल नागौद का नाम जुड़ता जा रहा है। आज शाम को नजदीकी गांव बराज का एक मरीज जिसके सिर में चोट थी जिसका प्राथमिक उपचार करें सिविल अस्पताल के चिकित्सक ने उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया। व्यापारिक दृष्टि से ट्रस्ट से प्राप्त एम्बुलेंस का उपयोग विकासखंड चिकित्सा अधिकारी द्वारा 1000/ मरीज से जमा कराकर जिला अस्पताल भेजने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन आज जिला अस्पताल के लिए रेफर मरीज को जो होश में नहीं था उसके सहयोगियों को झांसा देकर कमीशन के चक्कर में एम्बुलेंस ड्राइवर शिवानी अस्पताल ले गया। यहां सवाल उठता है कि जब एम्बुलेंस केवल जिला अस्पताल ले जाने के लिए है और मरीज भी वही के लिए रेफर है, तो ड्राइवर मरीज को प्रायवेट हास्पिटल कैसे लेकर चला गया। पहले तो गड़बड़ी यह होती है कि रेफर मरीज सतना ले जाने के लिए शासन द्वारा एंबुलेंस की सुविधा दी गई है जिसे उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तथा किराए की ट्स्ट की एम्बुलेंस कमीशन खोरी के चक्कर में प्राइवेट अस्पताल भेजी जाती है।





